नादान परिंदे अब नादान नहीं रहे!

Nadaan Parindey announces its final winners

One of the most awaited, magnetic and magical poetry contest “Nadaan Parindey” by Tumbhi ends today thereby gladly declaring the final results for the same.

The proud winners are Sweksha Bhagat for “Potli” (1st prize) and Vikram Singh Bathyal for “Ek Sapna”(2nd prize)

Team Tumbhi hasn’t got any further comments for the winners except attaching the entire letter written by Master Irshad Kamil himself for the top two winning poems.

नादान परिंदे प्रतियोगिता की 163 नंबर कविता “पोटली” प्रथम स्थान की हक़दार है. इस कविता के ज़रिये कवित्री स्वेच्छा भगत ने जहाँ बीते दिनों के गलियारों में झाँका है वहीँ आज के युग और बीते युग की तुलना भी की है, और इस तुलना में “क्या खोया और क्या पाया” का एहसास है. वैज्ञानिक प्रगति ने भावबोध को और भावनात्मक बंधनों को एक ऐसे मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है जहाँ इंसान न चाहते हुए भी किसी सीमा तक स्वार्थी होने के लिए मजबूर है. जहाँ फ़ोन नंबरों का याद रहना रिश्तों के गाढ़ेपन का प्रतीक है वहीँ एस एम् एस करने को भी काम समझना रिश्तों की औपचारिकता को बयान करता है. आम बोलचाल की भाषा का इस्तेमाल करते हुए कवित्री ने दिन-प्रतिदिन के प्रतीक और बिम्ब लेकर एक गहरी कविता लिखी है.

इस प्रतियोगिता में दूसरे स्थान पर रहने वाली कविता विक्रम सिंह बथ्याल की “एक सपना” [क्रम सं.१७०] है. इसे दूसरा स्थान देने के दो कारण हैं, पहला ये कि कविता समसामियक ज्वलंत विषय पर आधारित है, और दूसरा किसी पुरुष कवि का ऐसे विषय पर कलम उठाना भी सराहनीय है. जिस तरह से कविता का रचाव हुआ है वो भी पाठक को कविता के अंत तक आते आते एक सुखद अचम्भा देता है लेकिन साथ ही ‘ममता की छाँव में मैंने देखा है एक सपना’ पंक्ति का बार बार आना खलता भी है और विषय की गहराई को थोडा उथला भी कर देता है. अगर इस पंक्ति को सिर्फ आरम्भ और अंत में ही रखा जाये तो कविता ज़्यादा असर छोड़ेगी ऐसा मेरा मानना है. इस ज़रा सी कमी के बावजूद अपने विषय और विषय की अप्रोच के कारण इसका दूसरा स्थान बनता है.

मेरी तरफ से दोनों कवियों को ढेरों बधाइयाँ और दुआएं, अल्लाह करे ज़ोर-ए-कलम और ज़्यादा.

इरशाद कामिल

This letter is more than Self explanatory! Heartiest congratulations to both and the other 23 poets whose pen made it to “Super 25” of the Nadaan Parindey Contest.

You Rock!

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